रविवार, 30 जून 2024

ICC T20 World Cup 2024: कौन बना प्लेयर ऑफ द मैच, किसे मिली मैन ऑफ द टूर्नामेंट की ट्रॉफी? विराट कोहली, जसप्रीत बुमराह का बजा डंका

ईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2024 ट्रॉफी पर रोहित शर्मा की टीम ने अपना कब्जा जमा लिया। टीम इंडिया ने फाइनल मैच में साउथ अफ्रीका के मुंह अपनी  जीत छीनी है और आईसीसी ट्रॉफी का 11वा साल पुराना सूखा खत्म कर दिया।

   भारत ने आखिरी आईसीसी ट्रॉफी 2013 में महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में जीती थी। भारत ने तब चैम्पियंस ट्रॉफी पर कब्जा जमाया था। वर्ल्ड कप की बात करें तो भारत ने 2007 में टी20 वर्ल्ड कप जीता था और इसके बाद 2011 वर्ल्ड कप पर कब्जा जमाया था। टी20 वर्ल्ड कप 2024 का फाइनल मैच बारबाडोस के केंसिंग्टन ओवल मैदान पर खेला गया। टीम इंडिया ने 34 रनों तक रोहित शर्मा, ऋषभ पंत और सूर्यकुमार यादव के विकेट गंवा दिए थे, लेकिन इस मैच में विराट कोहली ठानकर आए थे कि उन्हें कुछ रन बनाने हैं। विराट कोहली ने 59 गेंदों पर 76 रन बनाए, जिसमें छह चौके और दो छक्के शामिल थे।  
    इसके अलावा अक्षर पटेल ने 31 गेंद पर 47 रनों की पारी खेली, जबकि शिवम दुबे 16 गेंद पर 27 रन बनाकर आउट हुए। भारत ने 20 ओवर में सात विकेट पर 176 रन बनाए। जवाब में साउथ अफ्रीका की टीम ने 20 ओवर में आठ विकेट पर 169 रन बनाए और भारत ने सात रनों से मैच जीत लिया। अर्शदीप सिंह, जसप्रीत बुमराह और हार्दिक पांड्या की गेंदबाजी ने भारत को यह जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। विराट कोहली को 76 रनों की पारी के लिए मैन ऑफ द मैच चुना गया, जबकि जसप्रीत बुमराह प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुने गए।  
बुमराह ने आठ मैचों में 29.4 ओवर की गेंदबाजी की  थी और इस दौरान 15 विकेट चटकाए। बुमराह ने इस दौरान महज 4.18 के इकॉनमी रेट से रन खर्चे। बुमराह की बॉलिंग टीम इंडिया के लिए पूरे टूर्नामेंट में कई बार टर्निंग पॉइंट साबित हुई और यही वजह थी कि उन्हें प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट के अवॉर्ड से नवाजा गया। Thank you for visiting 

रोहित शर्मा ने भी लिया बड़ा फैसला, टी20 इंटरनेशनल से अपने संन्यास का किया ऐलान

भारतीय टीम ने बारबाडोस के केनिंग्सटन ओवल मैदान पर इतिहास रचते हुए टी20 वर्ल्ड कप 2024 के फाइनल मुकाबले में साउथ अफ्रीकी टीम को 7 रनों से मात देने के साथ इस ट्रॉफी को दूसरी बार अपने नाम किया।

रोहित शर्मा की कप्तानी में टीम इंडिया ने लंबे समय से चले आ रहे आईसीसी ट्रॉफी को जीतने के सूखे को भी खत्म करने में कामयाबी हासिल की। वहीं इस खिताब को जीतने के बाद कप्तान रोहित शर्मा ने टी20 इंटरनेशनल से अपने रिटायरमेंट का भी ऐलान कर दिया, जिसको लेकर उन्होंने कहा कि ये फैसला लेने के लिए इससे अच्छा समय नहीं हो सकता है।
मैंने इसी फॉर्मेट से इंटरनेशनल क्रिकेट में अपनी शुरुआत की थी
रोहित शर्मा ने टी20 वर्ल्ड कप 2024 का खिताब जीतने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपने इस फैसले के बारे में सभी को जानकारी दी जिसमें उन्होंने कहा कि ये मेरा टी20 इंटरनेशनल में आखिरी मैच था। मैंने हर उस पल का पूरा आनंद लिया जबसे मैंने इस फॉर्मेट में खेलने की शुरुआत की। मैंने भारतीय टीम से अपने करियर की शुरुआत भी इस फॉर्मेट से की थी। इस फॉर्मेट से संन्यास लेने का फैसले का समय इससे अच्छा नहीं हो सकता था। मैं कप जीतना था।
https://x.com/TotallyImro45/status/1807153603553210389?s=19
       रोहित टी20 इंटरनेशनल में 50 मैच जीतने वाले पहले बतौर कप्तान खिलाड़ी

साउथ अफ्रीका के खिलाफ फाइनल मुकाबले में जीत के साथ भारतीय टीम ने जहां आईसीसी ट्रॉफी के सूखे को खत्म किया तो वहीं टी20 इंटरनेशनल में रोहित शर्मा अब पहले ऐसे कप्तान बन गए हैं, जिनके खाते में 50 जीत दर्ज हो गईं। वहीं रोहित से विराट कोहली ने भी फाइनल मुकाबले में शानदार प्रदर्शन के बाद प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड मिलने के बाद इंटरनेशनल क्रिकेट में इस फॉर्मेट से अपने संन्यास का ऐलान कर दिया था।
रोहित शर्मा ने रचा इतिहास, ऐसा करने वाले टीम इंडिया के पहले खिलाड़ी बने

T20 वर्ल्ड कप जीतते ही विराट कोहली ने किया संन्यास का ऐलान, अब नहीं खेलेंगे ये फॉर्मेट

बुधवार, 19 जून 2024

क्या है नालंदा विश्वविद्यालय का इतिहास ? आखिर कितनी पुस्तके इसमें जल गई थी और वो कौन था जिसने इसमें आक्रमण किया था?

 शानदार नालंदा विश्वविद्यालय को पुनः प्राप्त करने में 831 साल लग गए, जिसका उद्घाटन 19 जून को प्रधानमंत्री मोदी ने किया है। यह प्राचीन विश्वविद्यालय सदियों से खंडहर में पड़ा हुआ था।


खिलजी की आगजनी के बाद, ऐसा कहा जाता है कि नालंदा तीन महीने से अधिक समय तक जलता रहा, जिससे लगभग नौ मिलियन पुस्तकें और पांडुलिपियाँ नष्ट हो गईं।



क्या है नालंदा विश्वविद्यालय के इतिहास की घटना?



 है ‘नालंदा विश्वविद्यालय’ जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री करने जा रहे हैं। यह वास्तुकला का एक भयावह उदाहरण है जिसकी प्रेरणा बिहार के खेतों में सतत जलने नाली ईंट की भट्ठियों से ली गई है। लाल रंग, चौड़ा आधार, तिरछा होता ऊर्ध्वगामी छोर। बाकी धुआँ हम बिहारियों के हर जगह से इसे देख कर निकल ही रहा है। 

दूसरे छायाचित्र में एक अर्धगोलाकार संरचना है, जिसका ऊपर से खतना कर दिया गया है। इसमें जो काली वर्गाकार खिड़कियाँ हैं, वह किसी चिड़ियाँ बेचने वाले की हवादार टोकरी से प्रेरित लगते हैं जो बिहार के गाँवों में आपको पहले दिख जाया करते थे। 



तीसरे छायाचित्र में माचिस की खुली और बंद डिब्बियाँ हैं जिसमें हमारा बचपन बालू भर कर, धागे से खींच कर सड़कों पर दौड़ते हुए डिलिवर करने में बीता है। बिहार के रेत माफिया को दी गई यह श्रद्धांजलि नमन योग्य है।


चौथे छायाचित्र से बिहार के कच्ची शराब की भट्ठियों का स्मरण हो उठता है। वही मटमैला रंग और धुएँ निकालने वाली खिड़कियाँ। सीढ़ियाँ तो ऐसे बनाई गई हैं जैसे मिस्र का पिरामिड लाते समय तीव्र वायु वेग में ऊपर से ढह गया हो। बिहार में हवा से ढहते पुल की स्मृति हमारे हृदय में शेष है। 


कुल मिला कर ऐसी वास्तुकला जो बिहार के गाँव-घर की स्मृति का स्थूल चिह्न प्रतीत होता है। ऐसी भयानकता बहुत कम देखने को मिलती है। प्रधानमंत्री मोदी जैसे सँवरने वाले लोग, वहाँ स्वयं को फैशनेबली आउट ऑफ प्लेस फील करेंगे। 


अकादमिक बर्बादी तो अमर्त्य सेन फैला कर गया ही है, ये चक्षुओं को चुभने वाली शैली हमें दशकों तक रुलाती रहेगी। अभी भी पुराने नालंदा विश्वविद्यालय का खंडहर इतना सुंदर है कि वहाँ जाने के पश्चात आपको यह बिहार पर रोने को विवश कर देगा।
कभी उस 'खंडहर' को साक्षात देखने का मौका मिले तो पता चलता है की असल में उन मोती दिवारे आज भी बहुत कुछ कहती है। आचार्य, प्रधानाचार्यों का कक्ष, सम्मेलन के लिए अलग से बड़ा हाल, जल की निकासी की पूरी व्यवस्था। सब कुछ था उस मोटी दीवारों के बीच।


आपको यह जानकारी कैसी लगी अपनी राय जरूर दे धन्यवाद । जय हिन्द|



ICC T20 World Cup 2024: कौन बना प्लेयर ऑफ द मैच, किसे मिली मैन ऑफ द टूर्नामेंट की ट्रॉफी? विराट कोहली, जसप्रीत बुमराह का बजा डंका

आ ईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2024 ट्रॉफी पर रोहित शर्मा की टीम ने अपना कब्जा जमा लिया। टीम इंडिया ने फाइनल मैच में साउथ अफ्रीका के मुंह अपनी  जीत ...